
नगर निगम दर्री के वार्ड क्रमांक 60 स्थित नवापारा में 72 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों का सब्र टूट गया। लगातार तीन दिनों तक शिकायत करने के बावजूद न तो बिजली बहाल हुई और न ही विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी दी गई कि आखिर समस्या क्या है।


परेशान महिलाएं, पुरुष और बच्चे शांतिपूर्ण तरीके से बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और ऐलान किया कि बिजली चालू होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। प्रदर्शन की सूचना उन्होंने स्वयं दर्री थाना और तहसीलदार को भी दी।
बाद में विभाग ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है और नया ट्रांसफार्मर आने में एक-दो दिन और लग सकते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यह जानकारी पहले दिन ही दे दी जाती, तो तीन दिन तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ता।
बिजली नहीं होने से पेयजल, गर्मी और रोजमर्रा की परेशानियों के बीच मोहल्ले के दो घरों में सांप भी घुस गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर लोड करने के लिए क्रेन तक उपलब्ध नहीं कराई गई। जब लोगों ने मदद मांगी, तो उन्हें खुद व्यवस्था करने की बात कही गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रांसफार्मर को कंधों पर उठाकर वाहन में लोड किया। ट्रांसफार्मर बदले जाने के बाद करीब 72 घंटे से बंद बिजली आपूर्ति आखिरकार बहाल हो सकी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस दर्री-कोरबा क्षेत्र से पूरे छत्तीसगढ़ और देश के कई हिस्सों को बिजली मिलती है, वहीं के लोग तीन दिन तक अंधेरे में रहने को मजबूर हो जाएं। यह स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

