कोरबा। जिले के अंजोरीपाली गांव के ग्रामीण इन दिनों राखड़ डम्प से उड़ रही महीन राख की धूल के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तेज हवा चलते ही राखड़ की धूल पूरे गांव में फैल जाती है और घरों, आंगन, छतों, पेयजल स्रोतों तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जम जाती है। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार उड़ती राखड़ की धूल से सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, खांसी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि रोजाना सफाई करने के बावजूद कुछ ही देर में घरों में फिर से राख की परत जम जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राखड़ डम्प से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अंजोरीपाली के ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि राखड़ डम्प में नियमित पानी का छिड़काव, हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का विकास और अन्य आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय तत्काल लागू किए जाएं, ताकि गांववासियों को राहत मिल सके।

